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'मॉक संसद' में राहुल गांधी का दावा- 2024 का लोकसभा चुनाव 'अवैध' था

✍️ Admin 📅 31 October, 2026 ⏰ 08:16 PM 👁 26 views

इंडिया गठबंधन ने शनिवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ 'जन महाभियोग' का प्रस्ताव पारित कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एक 'मॉक संसद' में ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने का प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किया गया. प्रस्ताव पर चर्चा के आख़िर में राहुल गांधी ने कहा, "13.3 करोड़ वोटर्स के नाम मतदाता सूची से हटाए गए. पिछले लोकसभा (2019) चुनावों में इन वोटरों ने मतदान किया था. 2024 में बीजेपी ने चुनाव 3 परसेंट के मार्जिन से जीता. हर सात में से एक वोटर का नाम मिटाकर चुनाव आयोग ने कबूल किया है कि 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था." राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश और उनके साथी षड्यंत्रकारियों ने 'देशद्रोह' किया है और इसके लिए उनपर कार्रवाई ज़रूर होगी. राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार अब मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर बचने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा, '' हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं जो ये सुनिश्चित करते हैं कि ये जेंटलमैन अब इस पद पर नहीं होंगे. हम जो जानते हैं उसके बाद भी बीजेपी अगर उनको इस पद पर बनाए रखने पर जोर देगी तो उसका खेल सबके सामने खुल जाएगा.'' खड़गे के आवास पर हुई ये कार्यवाही संसद की औपचारिक कार्यवाही या संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया का विकल्प नहीं है. यह एक प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध है, जिसके ज़रिए विपक्ष अपने आरोपों को प्रमुखता से उठाना चाहता है. इस सुनवाई की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की. संसद की तर्ज़ पर ही इंडिया गठबंधन के सांसदों को बिठाया गया था. इंडिया गठबंधन समेत विपक्ष के दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि इस प्रक्रिया से लगभग 13 करोड़ से अधिक नाम वोटर लिस्ट से कट गए हैं. ये लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधी चोट है. विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहा है. विपक्ष का यह विरोध वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी और चुनावी अनियमितताओं को लेकर है. यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को होना था, लेकिन दिल्ली में हुई भारी बारिश के कारण इसे टाल दिया गया था. इंडिया गठबंधन एक नवंबर को रामलीला मैदान में एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहा है. देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. राहुल गांधी ने 'जन महाभियोग' की कार्रवाई पर चर्चा के दौरान कहा, ''सवाल ये है कि शाम सवा छह बज रहे हैं और संसद के 250 सदस्य, सिविल सोसाइटी के सदस्य, आम नागरिक, मीडिया, विपक्ष के नेता खड़गे जी के गार्डन में बैठे हैं. यहां मुख्य चुनाव आयुक्त के ख़िलाफ़ 'जन महाभियोग' हो रहा है. '' ये काफी अजीब चीज है. खड़गे जी के गार्डन में हम क्यों मीटिंग कर रहे हैं. क्या हमारे पास कोई ऐसा दूसरा रास्ता नहीं है इस सवाल को पूछने का. देश के दूसरे संस्थानों को क्या हुआ. जुडिशरी को क्या हुआ. इलेक्शन कमीशन को क्या हुआ. ये इसलिए कि हमारे पास कोई ऐसी जगह नहीं है जहां हम जा सकें. हमारे पास कोई विकल्प नहीं है. हर संस्थान की ओर जाने के रास्ते हमारे लिए बंद हैं.'' '' ये काफी आश्चर्य की बात है. मुझे नहीं लगता है कि ऐसा कहीं हुआ होगा. पूरा विपक्ष यानी राज्यसभा और लोकसभा में विपक्ष के सांसद एक गार्डन में बैठकर सीईसी पर महाभियोग की चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ''कई लोगों ने एसआईआर, वोटर जोड़ने और घटाने और दूसरी चीजों की बात की. मैं एक चीज की ओर ध्यान दिलाना चाहता हूं. 13.3 करोड़ वोटर डिलीट कर दिए गए. हर सात भारतीय में से एक का वोट काट दिया गया. भारत के वोटरों में से 15 फ़ीसदी के नाम काट दिए गए.'' '' यह सांसदों और आम नागरिकों की एक बैठक जैसी लग सकती है, लेकिन वास्तव में यह भारत के लोगों के वोट को बर्बाद करने की साजिश में शामिल हर व्यक्ति के ख़िलाफ़ एक राजनीतिक हथियार है. यहां जुटे लोगों का इस दुनिया के ज्ञानेश कुमारों के लिए एक संदेश है. आप उस संस्था की आड़ ले रहे हैं, जिसकी रक्षा करने की आपने शपथ ली है. याद रखिए, आप हमेशा इसके पीछे नहीं छिप सकते. एक दिन आपको इस देश की जनता के प्रतिनिधियों का सामना करना होगा.'' इससे पहले 'जन महाभियोग' के प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर चुनाव आयोग को चला रहे हैं. खड़गे ने कहा, ''आज से सात महीने पहले 193 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में रखा था. पर इन सांसदों के नोटिस ख़ारिज कर दिए गए. इन नोटिसों को संज्ञान में नहीं लिया गया.'' उन्होंने कहा कि देश में जो 'वोट चोरी' हो रही है, उसे रोकने के लिए यहां आए इंडिया गठबंधन के सांसद तैयार हो गए हैं. खड़गे ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने दिसंबर 2023 में अपनी सरकार के ज़रिये ज्ञानेश कुमार को आजीवन क़ानूनी सुरक्षा दे दी थी. यह सब ज्ञानेश कुमार की ओर से देश और इसके संविधान के ख़िलाफ़ किए गए आपराधिक कृत्य को छिपाने के लिए किया गया. इसलिए ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए.'' खड़गे ने कहा, '' बिहार में एसआईआर के जरिए वोट चोरी का पहला प्रयोग हुआ. फिर इसे पूरे देश में बीजेपी विरोधी वोटरों को डिलीट करने के लिए लागू किया गया.'' ''हम मृतकों को वोटर लिस्ट में बनाए रखने की पैरवी नहीं कर रहे हैं, उन्हें जरूर लिस्ट से हटाया जाना चाहिए. लेकिन मोदी सरकार बार-बार घुसपैठियों का बहाना देकर अपनी गलतियों को छिपाने का काम कर रही है.'' ''यानी जो खुद ही चोर हैं, वो ही डेमोक्रेसी की हिफ़ाजत करने वालों को डांट रहे हैं.'' '' हमने ईसीआई तक मार्च किया. फिर राष्ट्रपति से मिले, मेमोरेंडम दिया. हम सुप्रीम कोर्ट भी गए और याचिका दी.'' ''हम कोशिश कर रहे हैं कि लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली को बचाया जा सके और इसके लिए हमें सड़क पर भी आना पड़ा.'' समाजवादी पार्टी नेता हरेंद्र मलिक ने कहा, ''केंद्र में बैठी बीजेपी सरकार और उसके इशारों पर काम कर रहा चुनाव आयोग देश के हर नागरिक से उसका सबसे बड़ा अधिकार यानी वोट का अधिकार छीनने का काम कर रहा है. एसआईआर की आड़ में वोट की डकैती की जा रही है. वोट फ़िक्सिंग का काम चल रहा है. '' उन्होंने कहा, ''एसआईआर के नाम पर जो चल रहा है वो कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं है बल्कि ये वोट फ़िक्सिंग का ऐसा ब्लू प्रिंट है जिसके ज़रिये चुनाव लड़ने से पहले ही विपक्ष को हरा दिया जाता है. हाल में विधानसभा परिषद के चुनाव के दौरान मेरठ खंड में स्नातक खंड के 90 हजार वोट काट दिए गए.'' हरेंद्र मलिक ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वोटरों के नाम बड़ी संख्या में काटे गए हैं. तृणमूल कांग्रेस (ममता) सांसद सागरिका घोष ने कहा, ''2026 में पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव चुरा लिया गया. चुनाव आयोग के इतिहास में अभी तक किसी मुख्य चुनाव आयुक्त पर ऐसा आरोप नहीं लगाया गया जो ज्ञानेश कुमार पर लगाया जा रहा है.'' झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद वैद्यनाथ राम ने कहा, '' आज एसआईआर का उद्देश्य सिर्फ 'वोट चोरी' है और ऐसा करके लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. हमारा मानना है कि लोकतंत्र के हत्यारे ज्ञानेश कुमार को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है और देशद्रोह का केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए.'' राष्ट्रीय जनता दल के सांसद अभय कुशवाहा ने कहा, '' बिहार में एसआईआर के दौरान करीब 47 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए और अब देशभर में करीब 13 करोड़ 20 लाख लोगों का नाम काटा गया है. ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से हटाया जाए और देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए.'' स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा, '' ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग के साथ-साथ भारत की साख पर बट्टा लगाया है. इस देश को तोड़ने की साजिश की है.इसलिए मैं इस देश के तमाम जनसंगठनों और जनआंदोलनों की तरफ से सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग का पूर्ण समर्थन करता हूं.'' बीजेपी ने विपक्ष के इंडिया गठबंधन के जन महाभियोग को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा है. बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "भारत में अराजकता फैलाने की बार-बार नाकाम कोशिशों के बाद अब कांग्रेस पार्टी अपने अनोखे नेता राहुल गांधी की भावनाओं को संतुष्ट करने के लिए यह भ्रम पैदा कर रही है कि मॉक संसद आयोजित करके उन्हें उनकी पसंद की संसद मिल गई है." सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सीमा पार भी कांग्रेस पार्टी के 'मॉक संसद' की इस अवधारणा का मज़ाक उड़ाया गया है. बीजेपी सांसद ने आगे कहा, "विश्व बैंक ने अपनी 2025 की रिपोर्ट में भारत की तारीफ़ की है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2012 से 2023 के बीच भारत में 27.6 फ़ीसदी लोग अत्यधिक ग़रीबी से बाहर आए हैं. अब देश की सिर्फ़ 2.6 फ़ीसदी आबादी अत्यधिक ग़रीबी में रह रही है." उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत किस तरह आगे बढ़ रहा है. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. 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स्रोत: BBC Hindi

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