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'ट्रंप जो अमेरिका में कर रहे, भारत में वही कोशिश हो रही', एसआईआर पर बोलीं अमेरिकी सांसद

✍️ Admin 📅 15 October, 2026 ⏰ 09:03 AM 👁 51 views

इमेज स्रोत, Arun Kumar/ The India Today Group via Getty Images अंकिता भंडारी के माता-पिता समेत कई लोगों को गुरुवार अलसुबह इंडिया गेट पर हिरासत में लिया था, जिन्हें कुछ देर बाद छोड़ दिया गया. इस मामले पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है. अभिजीत दीपके ने कहा है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता इस तरह के अमानवीय बर्ताव के हक़दार नहीं हैं. अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हटाने के बाद दीपके ने एक्स पर लिखा, "यह हम सभी के लिए शर्म की बात होनी चाहिए! अंकिता भंडारी के माता-पिता इस तरह के अमानवीय बर्ताव के हक़दार नहीं हैं." उन्होंने लिखा, "सरकार अपने ही नागरिकों के साथ इतनी क्रूरता क्यों कर रही है?" इस मामले पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि अंकिता के माता-पिता को न्याय देने के बजाय जो मुख्य अभियुक्त है उसको राज्यपाल बना रहे हैं और उसके बाद मां-बाप के साथ बेरहमी कर रहे हैं. संबंधित स्टोरी: अंकिता भंडारी केस: इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे माता-पिता हिरासत में लिए जाने के बाद रिहा इमेज स्रोत, Jim Vondruska/Getty Images भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) प्रक्रिया से वोटर लिस्ट से क़रीब 13 करोड़ लोगों के नाम काटे जाने पर चिंता व्यक्त की है. डेमोक्रेटिक सांसद प्रमिला जयपाल ने भारत में बड़े पैमाने पर वोट काटने के कदमों को लोकतंत्र-विरोधी प्रयास बताया है. प्रमिला जयपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं भारत सरकार की ओर से 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई को लेकर बहुत चिंतित हूं. यह उसी तरीके जैसा लगता है, जिसे ट्रंप प्रशासन यहां अमेरिका में लोगों के मतदान के अधिकार को कमज़ोर करने के लिए अपना रहा है." उन्होंने लिखा, "हर जगह लोकतंत्र की रक्षा करना बहुत ज़रूरी काम है. भारत के लोगों को भी, अमेरिका के लोगों की तरह, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का अधिकार है. ऐसे समय में बिना हिंसा वाले विरोध प्रदर्शन करना बहुत ज़रूरी है." प्रमिला जयपाल ने आगे लिखा, "मैं भारत के उन लोगों के साथ खड़ी हूं, जो लोकतंत्र के ख़िलाफ़ उठाए जा रहे कदमों का विरोध करने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं." गौरतलब है कि दिल्ली समेत देश के कुछ हिस्सों में एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. इमेज स्रोत, Action Images/Reuters वेस्टइंडीज ने चौथे टी-20 मुक़ाबले में भारत को 24 रन से हरा दिया. इस जीत के साथ ही 5 मैचों की टी-20 सिरीज़ 2-2 से बराबर हो गई है. सिरीज़ का पांचवां और आख़िरी मुकाबला 17 अक्तूबर को बेंगलुरु में खेला जाएगा. भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार के बाद गेंदबाज़ों के प्रदर्शन पर निराशा जताई. उन्होंने स्वीकार किया कि टीम गेंदबाज़ी में अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर सकी और सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाज़ी करने में नाकाम रही. दरअसल, टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने 20 ओवर में 3 विकेट के नुक़सान पर 247 रन बनाए. कप्तान शाई होप ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन की पारी खेली. 248 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 19.3 ओवर में 223 रन पर ऑलआउट हो गई. भारत की ओर से संजू सैमसन ने सबसे तेज़ बल्लेबाज़ी करते हुए 23 गेंदों पर 56 रन बनाए. वहीं, तिलक वर्मा ने 43 और नीतिश रेड्डी ने 41 रन का योगदान दिया. श्रेयस अय्यर ने रन चेज़ के दौरान टीम के बल्लेबाज़ों के की सराहना की, लेकिन कहा कि गेंदबाज़ी की योजनाओं के विफल रहने से मैच का रुख़ बदल गया. भारतीय कप्तान ने वेस्टइंडीज के गेंदबाज़ों की तारीफ़ करते हुए कहा, "उन्होंने फ़ील्डिंग का समझदारी से इस्तेमाल किया और अपनी योजनाओं को बेहतरीन तरीके से लागू दिया. मैच आगे बढ़ने के साथ पिच पर गेंद रुककर आने लगी थी और एक्स्ट्रा उछाल भी मिल रहा था. वेस्टइंडीज के गेंदबाज़ों ने परिस्थितियों को अच्छी तरह समझा और ख़ासकर मध्य ओवरों में इसका फ़ायदा उठाया." इमेज स्रोत, Sanchit Khanna/Hindustan Times via Getty Images केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता जेपी नड्डा ने कहा है कि गृह मंत्री अमित शाह ने उन 13.39 करोड़ भारतीयों को “घुसपैठिया” नहीं कहा, जिनका नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं था. दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ख़ड़गे ने कहा था कि गृह मंत्री की ओर से एसआईआर में बाहर 13.3 करोड़ भारतीयों को 'घुसपैठिया' घोषित करना भारतीयता का अपमान है. दूसरी ओर, जेपी नड्डा ने यह भी दावा किया है कि 13.39 करोड़ नाम अंतिम कटौती नहीं, बल्कि ड्राफ्ट रोल में 'अनुपस्थित/पलायन/मृत/डुप्लीकेट' श्रेणी में चिह्नित हैं. जेपी नड्डा ने बुधवार रात को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "खड़गे जी, झूठ बोलना बंद कीजिए! गृह मंत्री अमित शाह जी ने कभी 13.39 करोड़ भारतीयों को “घुसपैठिया” नहीं कहा है. "चुनाव आयोग ने साफ़ बताया है- ये 13.39 करोड़ नाम अंतिम कटौती नहीं, बल्कि ड्राफ्ट रोल में अनुपस्थित/पलायन/मृत/डुप्लीकेट श्रेणी में चिह्नित हैं. इसमें 2.80 करोड़ मृत, 6.30 करोड़ स्थायी रूप से शिफ़्ट, 3.01 करोड़ अनुपस्थित और 1.02 करोड़ डुप्लीकेट हैं." उन्होंने लिखा, "भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री की लोकप्रियता को एसआईआर का परिणाम बताकर ख़ारिज करना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है. एसआईआर तो 2024 के बाद शुरू हुआ, जबकि गुजरात में कांग्रेस पिछले 31 वर्षों से एक भी चुनाव नहीं जीत पाई है. त्रिपुरा में 33 वर्षों से कांग्रेस का मुख्यमंत्री नहीं बन पाया है और बंगाल में 54 वर्षों से कांग्रेस को कोई जीत हासिल नहीं हुई है." "जनता का विश्वास मोदी जी, भाजपा और एनडीए के साथ है. 2029 में एनडीए फिर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगा और कांग्रेस को लगातार चौथी हार मिलेगी." जेपी नड्डा ने कहा कि जनादेश की सच्चाई को आरोपों से नहीं बदला जा सकता. इमेज स्रोत, Kabir Jhangiani/NurPhoto via Getty Images भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में हज़ारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की चिंता को 'अस्वीकार्य' बताया है. रणधीर जायसवाल ने बुधवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के बराबर है. रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में साफ़ किया है कि संयुक्त राष्ट्र की ओर से जताई गई चिंताएं बेवजह हैं और साथ ही इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह भारत के अंदरूनी मामलों में दखल देने जैसा है." "ऐसा लगता है कि उनका रवैया बहुत ज़्यादा सिलेक्टिव है, क्योंकि उन्होंने दुनिया के दूसरे हिस्सों में हो रहे प्रदर्शनों या कानूनी एजेंसियों की कार्रवाई पर न तो कोई प्रतिक्रिया दी है और न ही सार्वजनिक रूप से कुछ कहा है." उन्होंने कहा, "अगर वे इसी रास्ते पर चलते रहे, तो जाहिर है कि इससे कई देशों के मिलकर काम करने की व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कम होगा. साथ ही, इससे एक संगठन के तौर पर उनकी विश्वसनीयता भी कमज़ोर होती है." गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन ने चिंता जताई थी. यूएन ह्यूमन राइट्स ने हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल और बिना शर्त रिहा किए जाने की मांग की है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. - जंतर-मंतर नहीं अब ये हैं दिल्ली में प्रोटेस्ट करने की नई जगहें, स्थानीय लोग क्या बोले? - इराक़ में यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ महिलाओं का नया हथियार: कैमरा, वीडियो और सोशल मीडिया - मेरठ का सौरभ राजपूत हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को मौत की सज़ा - ध्रुव राठी बोले, 'मोदी चुनाव आयोग में सुधार की बात कहें तो मैं उनका भी समर्थन करूंगा' - पोप लियो को लंग कैंसर: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकती है ये बीमारी, अहम सवालों के जवाब

स्रोत: BBC Hindi

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