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कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने विपक्ष के मार्च पर क्या कहा?

✍️ Admin 📅 13 October, 2026 ⏰ 09:02 AM 👁 52 views

इमेज स्रोत, Ashish Vaishnav/SOPA Images/LightRocket via Getty Images कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने सोमवार को हुए विपक्ष के मार्च के बाद प्रतिक्रिया दी है. अभिजीत दीपके ने कहा है कि यह मायने नहीं रखता कि प्रदर्शन कौन करता है, सबसे अहम ये है कि हम नागरिक के तौर पर चुप नहीं हैं. दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि विरोध कौन कर रहा है, कहाँ कर रहा है या किसके साथ मिलकर कर रहा है. मायने यह रखता है कि हम, इस देश के नागरिक होने के नाते चुप रहने से इनकार करें. जो ज़रूरी है, उस पर ध्यान दें." दरअसल, एक्स पर एक यूज़र ने लिखा था कि सीजेपी प्रोटेस्ट करे या इंडिया गठबंधन, लेकिन ज्ञानेश कुमार के प्रति लोग अविश्वास ज़ाहिर कर चुके हैं. इसी एक्स पोस्ट के रिप्लाई में दीपके ने विपक्ष के मार्च पर अपनी बात रखी. गौरतलब है कि विपक्ष का मार्च कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट जाना था लेकिन बीच में मंडी हाउस के पास रोक दिया गया. शाम सात बजे के क़रीब राहुल गांधी और विपक्ष के कुछ नेता पुलिस को चकमा देते हुए नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. वहां विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाख़िल की. इमेज स्रोत, Aaron Schwartz/Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल ट्रंप ने कहा है कि वो उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाक़ात कर सकते हैं. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ़िलीपींस में आसियान शिखर सम्मेलन और चीन के शेन्ज़ेन में एपेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. ट्रंप से सोमवार को पत्रकारों ने पूछा कि क्या वो इस एशियाई दौरे के वक्त किम जोंग उन से मिलेंगे? इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, "मैं उनसे मिल सकता हूं... यह एक रोमांचक मुलाकात होगी. मेरी उनके साथ अच्छी बनती है." गौरतलब है कि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान किम जोंग के साथ तीन बार आमने-सामने मुलाक़ात की. पहली जून 2018, दूसरी फ़रवरी 2019 और तीसरी जून 2019 में हुई. इमेज स्रोत, Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को मार्च में शामिल लोगों को धन्यवाद कहते हुए एक वीडियो जारी किया है. राहुल गांधी ने सोमवार रात को सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में कहा कि वो डरने वाले नहीं हैं और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे. राहुल गांधी ने कहा, "आज (सोमवार) के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले हर एक व्यक्ति का मैं दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं. उन करोड़ों लोगों का भी धन्यवाद, जिन्होंने दोपहर 3 बजे अपने-अपने तरीक़े से इस आंदोलन को समर्थन दिया. इंडिया गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के तमाम कार्यकर्ताओं का भी बहुत-बहुत धन्यवाद." "यह दिन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है. आप हमें मारिए, धमकाइए, डराने की कोशिश कीजिए, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं. हम आपकी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे." उन्होंने कहा, "मैं सोच रहा था कि आरएसएस के वो कायर लोग कहां थे, जो परसों हमारे युवा साथियों को पीट रहे थे? कहां थे वो लोग? आज तो मुझे उनमें से कोई दिखाई नहीं दिया. जब हम वहां खड़े हैं, जब देश की जनता वहां खड़ी है, तो तुम बाहर क्यों नहीं आते? अपनी छोटी-छोटी गमछियां पहनकर क्यों नहीं बाहर आते हो और देखते हो कि क्या होता है? क्योंकि तुम भी देश के प्रधानमंत्री की तरह सिर्फ़ गुंडागर्दी करना जानते हो. तुममें सामने आकर खड़े होने की हिम्मत नहीं है. तुम सिर्फ़ सत्ता और ताक़त के दम पर लड़ सकते हो." राहुल ने कहा, "आज जो कुछ हुआ, उसे देखकर बहुत ख़ुशी होती है. मुझे आप सभी पर गर्व है. सबने एक टीम की तरह काम किया. जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था, ये अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हैं. यह एक ही आंदोलन है, जिसमें हम सब एक साथ खड़े हैं. हममें से हर एक व्यक्ति संविधान के इन हत्यारों, हमारे लोकतंत्र को कुचलने वालों के ख़िलाफ़ खड़ा होगा. और हम एक क़दम भी पीछे नहीं हटेंगे." गौरतलब है कि विपक्ष का मार्च कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट जाना था लेकिन बीच में मंडी हाउस के पास रोक दिया गया. शाम सात बजे के क़रीब राहुल गांधी और विपक्ष के कुछ नेता पुलिस को चकमा देते हुए नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. वहां विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाख़िल की. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के साथ हुई सात घंटे की मुलाक़ात के बारे में जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि इस बैठक के दौरान देश को चलाने में आ रही समस्याओं और प्रशासनिक चुनौतियों पर चर्चा की गई. मसूद पेज़ेश्कियान ने ईरान में विश्वविद्यालयों के उद्घाटन समारोह और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के मौक़े पर यह बात कही. यह दूसरी बार है, जब उन्होंने मोजतबा ख़ामेनेई के साथ सात घंटे तक चली बैठक का ज़िक्र किया है. इससे पहले उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति चुने जाने के बाद सात महीनों के दौरान उनकी नए सर्वोच्च नेता से दो बार मुलाक़ात हुई थी. राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने अपने संबोधन में कहा कि समस्या ये नहीं है कि देश में संसाधनों की कमी है, बल्कि विशेषज्ञों की कमी और योजनाओं को लागू करने की इच्छाशक्ति का अभाव है. उन्होंने सरकारी कंपनियों के कामकाज पर भी सवाल उठाए. पेज़ेश्कियान ने कहा कि कुछ सरकारी कंपनियों में जो हो रहा है, उसे सही मैनेजमेंट नहीं कहा जा सकता. उन्होंने ईरान की सार्वजनिक प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरानी राष्ट्रपति ने सक्षम और योग्य लोगों को अहम पदों पर नियुक्त करने में आने वाली मुश्किलों का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा, "कई बार किसी व्यक्ति को पद पर नियुक्त करने का फ़ैसला लिया जाता है, लेकिन अचानक न्यायपालिका या किसी अन्य संस्था की ओर से उसके ख़िलाफ़ कोई मुद्दा सामने आ जाता है, जिससे नियुक्ति की प्रक्रिया में बाधाएं पैदा हो जाती हैं." पेज़ेश्कियान के इन बयानों से ईरान की प्रशासनिक व्यवस्था, सरकारी कंपनियों के प्रबंधन और अधिकारियों की नियुक्ति से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी चिंता सामने आई है. इमेज स्रोत, Ajay Aggarwal/Hindustan Times via Getty Images भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव डॉ. मोहसिन रेज़ाई की फ़ोन पर बातचीत हुई है. भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोमवार को हुई इस बातचीत की जानकारी साझा की है. दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की है. दूतावास के मुताबिक़, "ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव डॉ. मोहसिन रज़ाई ने सोमवार शाम भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल से फ़ोन पर बातचीत की." "इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के साथ-साथ भारत और ईरान के बीच आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की." ईरान के सुरक्षा प्रमुख और भारत के एनएसए के बीच यह बातचीत सऊदी अरब की राजधानी रियाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले के दो दिन बाद हुई है. इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को ज़िम्मेदार बताया गया है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. - प्रोटेस्ट के दौरान हिरासत में लिए गए कई जर्नलिस्ट, पत्रकार संगठन क्या बोले और क्या है क़ानून - राहुल गांधी विपक्षी नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, 'वोट चोरी' को लेकर दाख़िल की याचिका - सीजेपी प्रोटेस्ट के बीच एक्टर इमरान ख़ान क्यों हैं सुर्ख़ियों में - सीजेपी नेताओं से बॉन्ड भरवाने का मतलब क्या है, ये प्रदर्शन कर पाएंगे?

स्रोत: BBC Hindi

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