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सीजेपी प्रोटेस्ट के बीच एक्टर इमरान ख़ान क्यों हैं सुर्ख़ियों में

✍️ Admin 📅 12 October, 2026 ⏰ 07:08 PM 👁 58 views

इमेज स्रोत, AFP via Getty Images कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बुलाए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान 10 अक्तूबर को मुंबई पुलिस ने एक्टर इमरान ख़ान और उनकी दोस्त एक्टर लेखा वॉशिंगटन को हिरासत में ले लिया था. उन्हें अगस्त क्रांति मैदान से हिरासत में लिया गया, जो पार्टी के समर्थन में प्रदर्शन के लिए तय की गई जगह थी. हालाँकि मुंबई पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी. सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था. अंग्रेज़ी अख़बार 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भी मुख्य चुनाव आयुक्त के त्यागपत्र की मांग कर रहे हैं. 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट में कहा गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कदमों को लेकर '10 महीने में 14 बार आपत्ति' दर्ज कराई थी. इमेज स्रोत, AFP via Getty Images हिरासत में लिए जाने के बाद इंस्टाग्राम पर पुलिस वैन के अंदर की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए इमरान ख़ान ने लिखा, "लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूँ." हालांकि शनिवार को ही इमरान ख़ान को मुंबई पुलिस ने रिहा कर दिया था. इस पोस्ट के बाहर आने बाद इमरान ख़ान के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने को लेकर काफ़ी चर्चा है. कई लोग उनके नागरिकता को लेकर सवाल उठा रहे हैं . बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस से इमरान ख़ान के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने की घटना की जाँच की मांग की है. उन्होंने दावा किया है कि इमरान ख़ान विदेशी नागरिक हैं और सवाल उठाया है कि क्या उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने की क़ानूनी इजाज़त थी? टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ गामदेवी पुलिस के सीनियर इंस्पेक्टर प्रशांत मोहिते ने बताया कि पुलिस इमिग्रेशन अधिकारियों को इस बारे में पत्र लिखने की प्रक्रिया में है कि एक्टर इमरान ख़ान के पास 'ओवरसीज सिटीज़न ऑफ़ इंडिया' यानी ओसीआई कार्ड है और उन्होंने शनिवार को विरोध-प्रदर्शन में शामिल होकर नियमों का उल्लंघन किया है. हिरासत में लिए जाने से कुछ देर पहले मीडिया से बात करते हुए इमरान ख़ान ने कहा था, "मैं यहाँ एक नागरिक के तौर पर, इस शहर में रहने वाले एक व्यक्ति के तौर पर आया हूँ. मैं यह देखने आया हूँ कि लोगों की आवाजाही पर रोक क्यों लगाई जा रही है और लोगों की आवाज़ क्यों दबाई जा रही है." इमेज स्रोत, AFP via Getty Images देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. ओसीआई कार्ड होल्डर भारतीय मूल के विदेशी नागरिक होते हैं, जिन्हें कुछ ख़ास सुविधाएँ मिलती हैं. जैसे भारत में जीवन भर के लिए मल्टीपल-एंट्री वीज़ा. वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने बीबीसी हिन्दी को बताया, "ओसीआई नियमों में बदलाव होते रहे हैं. मौजूदा व्यवस्था में ऐसे लोग ओसीआई कार्ड धारक होते हैं, जिनके माता-पिता या दादा-परदादा आज़ाद भारत के नागरिक होते हैं और उस शख़्स ने ख़ुद दूसरे देश के नागरिकता ले ली होती है." उन्हें शिक्षा, प्रॉपर्टी और कुछ ख़ास प्रोफ़ेशनल गतिविधियों से जुड़े लाभ भी मिलते हैं. संजय हेगड़े ने बताया कि ओसीआई कार्ड होल्डर भारतीय चुनावों में वोट नहीं दे सकते, संसद या राज्य विधानसभाओं के चुनाव नहीं लड़ सकते, या भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षित अन्य राजनीतिक अधिकारों का दावा नहीं कर सकते. ओसीआई कार्ड होल्डर्स के अधिकार और उन पर लगी पाबंदियाँ नागरिकता अधिनियम, 1955 और केंद्र सरकार की ओर से जारी नियमों और नोटिफिकेशन्स में बताई गई हैं. इमरान ख़ान के ओसीआई होने के बाद इस बात की भी चर्चा हो रही है की क्या वो विरोध प्रदर्शनों में भाग ले सकते हैं? संजय हेगड़े कहते हैं कि ओसीआई कार्ड होल्डर भारत में विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा नहीं ले सकते. संजय कहते हैं, "क्योंकि ओसीआई कार्ड होल्डर विदेशी नागरिक होते हैं, इसलिए वो भारत में विरोध प्रदर्शनों में भागीदारी नहीं कर सकते." क्या विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने पर ओसीआई कार्ड होल्डर के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई हो सकती है? इस सवाल के जवाब में अधिवक्ता संजय हेगड़े कहते हैं, "ऐसे हालात में ओसीआई कार्ड को रद्द किया जा सकता है और उन्हें अपने देश वापस जाने के लिए कहा जा सकता है." यानी क़ानून की भाषा में कहें तो ऐसे हालात में उन्हें देश से निकाला जा सकता है. ओसीआई कार्ड होल्डर विदेशी नागरिक ही रहता है और उस पर विदेशियों और इमिग्रेशन से जुड़े भारतीय क़ानून लागू होते हैं. इस क़ानून में देश की संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़ी वजहें भी शामिल हैं. पुलिस में शिकायत या वीज़ा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगने से ही यह साबित नहीं हो जाता कि कोई अपराध हुआ है या देश से निकालना सही है. इमेज स्रोत, AFP via Getty Images फ़िल्म रेटिंग साइट आईएमडीबी के मुताबिक 13 जनवरी 1983 को अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के मैडिसन में जन्में इमरान ख़ान कई हिन्दी फ़िल्मों में काम कर चुके हैं. रिश्ते में वो मशहूर बॉलीवुड अभिनेता आमिर ख़ान के भांजे हैं. वह एक सोशल एक्टिविस्ट और फ़िल्ममेकर भी हैं. उनकी माँ नुजहत ख़ान मशहूर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर नासिर हुसैन की बेटी और मंसूर ख़ान की बहन हैं. इमरान ने मुंबई के बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल और कुन्नूर के ब्लू माउंटेन स्कूल में पढ़ाई की है. फ़िल्म मेकिंग में डिग्री लेने के लिए उन्होंने लॉस एंजिल्स में न्यूयॉर्क फ़िल्म एकेडमी से पढ़ाई की. मुंबई लौटने के बाद इमरान किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्टीट्यूट से जुड़ गए. उनके एक्टिंग करियर की शुरुआत 1988 में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर हुई, जब उन्होंने फ़िल्म 'क़यामत से क़यामत तक' (1988) में आमिर ख़ान के किरदार के बचपन का रोल निभाया. वह 'जो जीता वही सिकंदर' (1992) में भी युवा आमिर ख़ान का किरदार निभाते हुए नज़र आए थे. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. 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स्रोत: BBC Hindi

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