दिल्ली: सीमापुरी में गिरी इमारत से चार लोगों के शव बरामद, आठ घायल
दिल्ली के सीमापुरी इलाक़े में बुधवार को एक बहुमंज़िला इमारत गिरने से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है. डीएम अजय कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है और आठ लोग घायल हुए हैं. उन्होंने कहा, "अब तक तीन महिलाओं के शव बरामद हुए हैं. साथ ही एक शव और मिला है जो एक बच्चे का लग रहा है.'' उन्होंने कहा, ‘’चूंकि मलबा सड़क पर गिरा है, इसलिए हम यह निश्चित तौर पर नहीं कह सकते कि उसके नीचे कोई राहगीर फंसा है या नहीं. इसलिए हम पूरी सावधानी के साथ काम कर रहे हैं. करीब 75 फ़ीसदी काम पूरा हो चुका है और 25 फ़ीसदी काम बाकी है.'' उन्होंने बताया, ''हमारा अनुमान है कि अभियान को पूरा होने में अभी 4-5 घंटे और लग सकते हैं. हमारी टीम कल से लगातार, बिना किसी ब्रेक के और पूरी रात काम कर रही है. हम राहत और बचाव अभियान को जल्द से जल्द पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.'' इस हादसे पर बीबीसी संवाददाता शुभ राणा से बात करते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक वीर सिंह धींगान ने बताया था कि उन्हें बुधवार को साढ़े तीन बजे के करीब सीमापुरी से फोन आया था कि एक इमारत ढह गई है. उन्होंने तुरंत 112 पर कॉल किया और डीसीपी को भी इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि यह करीब पांच से छह मंज़िला इमारत थी, जो लगभग 25 गज के प्लॉट पर बनी थी और करीब एक-दो साल पुरानी बताई जा रही है. उनके मुताबिक, इमारत में एक मुस्लिम परिवार रहता था. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है और 8 अक्तूबर को देश भर में प्रदर्शन का एलान किया है. कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा है कि इस मौके पर पार्टी देश भर में भारतीय लोकतंत्र के लिए ‘काला दिवस’ मनाएगी इससे पहले बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कई विपक्षी नेताओं को ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ले लिया गया था. हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था.राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेताओं के साथ राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर पिछले दो दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे. 10 अक्तूबर को कॉकरोच जनता पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन का एलान किया है. एलन मस्क ने आरोप लगाया कि कुछ ख़ास उद्योगपति भारत में स्टारलिंक की एंट्री को "रोक" रहे हैं. मस्क ने एक्स पर एक पोस्ट के जवाब में लिखा, "बदकिस्मती से, हमें कुछ ख़ास उद्योगपति रोक रहे हैं, ताकि भारतीय लोगों पर उनकी 'एकाधिकारवादी' पकड़ बनी रहे. आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं... यह भारत के लोगों के ख़िलाफ़ अपराध है!" इस पोस्ट में कहा गया था कि भारत में स्टारलिंक की ज़रूरत है, क्योंकि अभी भी बड़ी संख्या में गांव ब्रॉडबैंड से नहीं जुड़े हैं. मस्क ने बुधवार देर रात एक्स पर आगे लिखा, "भारत में स्टारलिंक उन लोगों को तेज और किफ़ायती इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध करा सकेगा, जो मौजूदा कीमतों की वजह से इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं या जिनके पास बिल्कुल भी इंटरनेट कनेक्शन नहीं है." इससे पहले बुधवार को दिल्ली में चल रही इंडिया मोबाइल कांग्रेस में स्टारलिंक की बिजनेस ऑपरेशंस की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रेयर ने बताया कि स्टारलिंक भारत में 20 गेटवे साइट पहले ही बना चुका है और भारतीय यूज़र्स के डेटा को देश के भीतर रखने के लिए भारत के हिसाब से सुरक्षा नियंत्रण भी विकसित किए हैं. ड्रेयर ने कहा कि स्टारलिंक को उम्मीद है कि सभी मंजूरियां मिलते ही वह भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाएं "जल्द से जल्द" शुरू कर देगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''किसी भी राष्ट्रपति ने कभी कोई युद्ध खत्म नहीं कराया. मैंने आठ युद्ध खत्म कराए हैं और शायद दुनिया के पूरी तरह तबाह होने को भी रोक दिया है. इसलिए मुझे नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए.'' 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा नॉर्वे की नोबेल समिति शुक्रवार को करेगी. पुरस्कार के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ''मुझे नहीं पता कि उनका फ़ैसला क्या होगा. उनकी ऐसी छवि रही है कि शायद वे मेरे जैसे लोगों को यह पुरस्कार नहीं देते.'' सत्ता में दोबारा आने के बाद से ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि वह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं. ओवल ऑफिस में पत्रकारों से ट्रंप ने कहा, ''अब शायद वह समय आ गया है. पिछली बार पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति ने कहा था कि इतिहास में किसी और से ज्यादा इसका हकदार राष्ट्रपति ट्रंप है. उनके ज़रिए अप्रत्यक्ष रूप से यह सम्मान पाकर मैं बहुत सम्मानित महसूस कर चुका हूं.'' वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने जनवरी में अपना 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार पदक ट्रंप को दे दिया था. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विपक्ष के प्रोटेस्ट की पाकिस्तान, ब्रिटेन और दूसरे देशों में कैसी चर्चा रिहा होने के बाद बोले राहुल गांधी- मोदी, शाह, और ज्ञानेश कुमार को कटघरे में लाएंगे फ्रांस में छात्र प्रदर्शनों पर ट्रंप बोले- 'इस्लाम एक महान देश पर कब्ज़ा करना चाहता है' भुवनेश्वर कुमार की वापसी: क्यों खास है 'स्विंग के उस्ताद' का ये कमबैक?
स्रोत: BBC Hindi