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भारत ने पाकिस्तानी राजदूत को किया तलब, बीएसएफ़ की कार्रवाई पर ये कहा

✍️ Admin 📅 04 October, 2026 ⏰ 09:00 AM 👁 68 views

इमेज स्रोत, Sameer Sehgal/Hindustan Times via Getty भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार को पाकिस्तान हाई कमीशन के कार्यवाहक राजदूत को तलब किया. विदेश मंत्रालय ने बताया, 'पाकिस्तान से जारी अवैध सीमा पार घुसपैठ में मदद' को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. मंत्रालय ने 2 अक्तूबर 2026 को पंजाब के फ़िरोज़पुर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई घटना को लेकर पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार और दुर्भावनापूर्ण करार देते हुए ख़ारिज कर दिया. विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में बताया, "पाकिस्तान को बताया गया कि तीन लोग भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे. बीएसएफ़ की ओर से पाकिस्तान लौटने की कई चेतावनियां दिए जाने के बावजूद वे सीमा पर लगी बाड़ की ओर बढ़ते रहे. सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरा पैदा होने के कारण बीएसएफ़ को उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी पड़ी." भारत ने यह क़दम पाकिस्तान की ओर से इस्लामाबाद में भारतीय कार्यवाहक राजदूत को तलब किए जाने के कुछ घंटे बाद उठाया. पाकिस्तान ने दावा किया था कि 2 अक्तूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बेदियान सेक्टर में भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) के जवानों ने 'दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या' की है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार से कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी की बदसलूकी के मामले पर सवाल उठाया है. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी हमला बोला है और पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाया है. राहुल गांधी ने शनिवार देर रात एक्स पर लिखा, "जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है. घंटों से सैकड़ों पत्रकार सिर्फ़ इतनी माँग लेकर बैठे हैं कि एफ़आईआर दर्ज कर ली जाए. ये तो पुलिस का बुनियादी काम है न? वो भी नहीं किया." उन्होंने कहा, "आज ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए. महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं. कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए. और ये पहली बार नहीं है. इससे पहले भी हमने वीडियो सबूतों के साथ देखा है कि पुलिस के अफ़सर महिलाओं के साथ घिनौनी बदसलूकी करते हैं." राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस पुलिस पर महिलाओं की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी है, वही महिलाओं पर हाथ उठा रही है. शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी के आरोप लगाए थे. इसको लेकर कई पत्रकार ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए और एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की. इमेज स्रोत, AFP via Getty Images बीबीसी न्यूज़ फ़ारसी ने बताया है कि यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अरामको के तेल ठिकानों पर हमले का दावा किया है. न्यूज़ एजेंसियों के हवाले से बताया गया है कि इन हमलों में हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया. हूतियों ने कहा है कि यह हमला सऊदी अरब की ओर से सना और यमन के अन्य क्षेत्रों पर किए गए हमलों के जवाब में किया गया. इससे पहले एक प्रत्यक्षदर्शी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि शनिवार तड़के रियाद में अरामको के तेल ठिकाने के पास धुएं और आग देखी गई. सऊदी अरब के अधिकारियों ने अब तक अरामको के तेल ठिकानों पर हमले की पुष्टि नहीं की है. वहीं,अरामको ने भी इस पर कोई जवाब नहीं दिया है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - कर्नाटक में वोटर्स के नाम कटवाने के आरोप: कार्यकर्ताओं पर एफ़आईआर के बाद बीजेपी ने येदियुरप्पा को उतारा - सेहत के लिए क्यों ख़तरनाक है अख़बार पर रखकर समोसा या पकौड़ी खाना - दो पाकिस्तानी नागरिकों की मौत पर भारतीय राजनयिक तलब, घटना पर पंजाब पुलिस ने क्या कहा - यूएई ने बताया- स्मित मच्छर पर चाकू नहीं क्रैश ऐक्स से को-पायलट ने किया था हमला - 'दृश्यम' का तिलिस्म: क्यों बार-बार खिंचे चले आते हैं दर्शक?

स्रोत: BBC Hindi

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