अनोखा हुनर अपनी जान खतरे में डाल खेल खेल में पकड़े दो हजार जहरीले सांप
बालपुर गोंडा। इनसे मिलिए यह अनोखे हुनरमन्द इन्सान पांचू मिस्त्री है। अब तक दो साल में दो हजार जहरीले सांप पकड़ चुके हैं। रसल वाइपर कोबरा जैसे सांप वह खेल खेल में पकड़ लेते हैं। जहरीले सांपों को नियंत्रित करके पकड़ने के लिए उन्हें केवल एक डंडे व प्लास्टिक के बोरी का सहारा होता है।
उनकी सबसे ज्यादा अच्छी बात यह है कि वह कहीं भी किसी के बुलाने पर आसानी से जहरीले सांपों को पकड़ने के लिए चले जाते हैं। जिले की करनैलगंज, तरबगंज, गोंडा सदर एवं मनकापुर समेत चारों तहसील क्षेत्रों में जाकर जहरीले सांप पकड़ चुके हैं। उनका कहना है कि यदि दूसरे जिले से भी उनको इस काम के लिए बुलाया जाता है तो वह सांपों को पकड़ने की लिए जरूर जायेंगे। स्थानीय स्तर पर सांप पकड़ने के लिए वह किसी से कोई पैसे नहीं लेते हैं। दूर जाने पर वह पेट्रोल का खर्चा मात्र लेते हैं। इस तरह से समाजसेवा का यह कार्य वह अपनी जान जोखिम में डालकर दो सालों से मुफ्त में कर रहे हैं।
पांचू मिस्त्री पुत्र छठराम मिस्त्री हलधरमऊ विकास क्षेत्र की ग्रामपंचायत नकहा बसन्त के रहने वाले हैं। इनके पिता क्षेत्र के मशहूर राजगीर रह चुके हैं। इनके सात भाई हैं सभी भाई अपने पिता के सिखाए राजगीर के व्यवसाय से अपनी रोजी रोटी क जरिया बनाये हुए हैं। वैसे तो वह 25 साल से राजगीर बनकर घर बनाने का काम कर रहे हैं। घर बनाते बनाते इनको सांप पकड़ने का हुनर आ गया। अब दो साल से वह जहरीले सांप पकड़ रहे हैं। इसमें रसल वाइपर, कोबरा,लोहारिन, चीतर, बिचखोपड़ा, घोरकरायट समेत अनेक प्रकार के जहरीले सांप वह पकड़ चुके हैं। अब तक दो साल में दो हजार जहरीले सांप वह पकड़ चुके हैं।
इनकी विशेषता यह है कि वह कोई सांप पकड़ते हैं उसे न तो मारते हैं और न बेंचते है। पकड़े गए सांपों को वह कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। यदि पकड़ने के दौरान कोई सांप चोटिल हो जाता है तो वह उसके दवा लगाकर ठीक होने के बाद ही झाड़ियो में छोड़ते हैं। उनका कहना है यह सब भोले बाबा की कृपा है मैं इनकी जान बचाता हूं इसलिए वह मेरी जान बचाते हैं। जिले में यह किसी के बुलाने पर कहीं भी चले जाते हैं पैसे के लिए कोई सौदेबाजी नहीं करते हैं। यदि कोई कुछ भी न दे पाए तो भी यह उसके बुलाने पर आसपास के क्षेत्रों सांप पकड़ने चले जाते हैं।