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Court decision

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी में पंचायत चुनाव तीन महीने में कराने का दिया आदेश

✍️ Admin 📅 14 October, 2026 ⏰ 08:33 PM 👁 222 views

लखनऊ। यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट  अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर पंचायत निकायों के चुनाव कराने का निर्देश दिया है। साथ ही निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए रखने के फैसले को भी सही माना है। इससे पंचायत चुनाव की तैयारियों में तेजी आने की उम्मीद है।

बुधवार को न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई की। करीब तीन घंटे तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थीं।

कोर्ट ने प्रशासकों की नियुक्ति से जुड़े शासनादेश को वैध माना और उसे चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दीं। इसके साथ ही स्पष्ट किया कि प्रशासक अगले तीन महीने तक अपने पद पर बने रहेंगे। हालांकि, सरकार को इस अवधि के भीतर पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्ग के आरक्षण को लेकर भी मामला महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग अपना काम जारी रखेगा, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया आयोग के काम पूरा होने पर निर्भर नहीं रहेगी। चुनाव मौजूदा नियमों और व्यवस्था के तहत कराए जाएंगे। इसमें 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का पालन किया जाएगा।

याचिकाकर्ता अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन ने कोर्ट में मांग की थी कि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम जारी किया जाए। उनका कहना था कि संविधान के अनुच्छेद 243E के अनुसार पंचायत का कार्यकाल उसकी पहली बैठक की तारीख से पांच साल तक होता है। ऐसे में समय पर चुनाव कराना जरूरी है।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से भी जवाब मांगा था। कोर्ट ने आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा था कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार पंचायत चुनाव समय पर कराने की स्थिति क्या है और इसके लिए निर्धारित समयसीमा का पालन क्यों नहीं हो सका।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दलील दी गई थी कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 12-BB के तहत प्रधान के सामान्य चुनाव या उपचुनाव की तारीख तय करने संबंधी अधिसूचना राज्य सरकार जारी करती है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग से परामर्श लिया जाता है।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब पंचायत चुनाव की समयसीमा को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। तीन महीने के भीतर चुनाव कराने के निर्देश के बीच यह चर्चा भी तेज हो सकती है कि पंचायत चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का आपसी कार्यक्रम किस तरह आगे बढ़ेगा।लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पंचायत चुनाव 3 महीने में कराने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने यह फैसला किया है। राज्य सरकार एवं निर्वाचन आयोग को चुनाव कराने का आदेश दिया है। चुनाव तक ग्राम प्रधान प्रशासक बने रहेंगे।

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