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Black Marketing

उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में परेशानी फर्जी डिलीवरी दिखाकर ब्लैक में बिक्री का आरोप

✍️ Admin 📅 15 May, 2026 ⏰ 07:54 PM 👁 75 views



गोण्डा। जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का मामला एक बार फिर सामने आया है। नगर क्षेत्र की साईं सिद्धि गैस एजेंसी बस स्टाप पर उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए आयुक्त देवीपाटन मंडल जिलाधिकारी गोण्डा तथा गैस कंपनी के सक्षम अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में एजेंसी संचालक दीपक सिंह व उनके स्टाफ शशिकांत पर बुकिंग के बावजूद गैस सिलेंडर उपलब्ध न कराने तथा फर्जी तरीके से “डिलीवर” दर्ज कर कालाबाजारी करने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता पंकज दीक्षित पुत्र मुन्ना लाल दीक्षित निवासी परेड सरकार गोण्डा ने बताया कि उनके व उनके सास सुमन त्रिपाठी के नाम से साईं सिद्धि गैस एजेंसी में गैस कनेक्शन है। आरोप है कि दिनांक 29 मई 2026 को सिलेंडर बुक कराया गया, लेकिन कई बार अनुरोध करने के बावजूद सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके विपरीत एजेंसी की ओर से रिकॉर्ड में सिलेंडर डिलीवर दर्शा दिया गया। पीड़ित का कहना है कि इससे पहले भी गैस कालाबाजारी की शिकायत की गई थी, जिस पर एजेंसी संचालक द्वारा बाद में सिलेंडर पहुंचाकर बैक डेट में रिसीविंग लेने का प्रयास किया गया। 

शिकायतकर्ता ने दावा किया कि इस पूरी घटना के सीसीटीवी फुटेज भी उनके पास सुरक्षित हैं। आरोप है कि पिछले तीन-चार महीनों में कई बार सिलेंडर बुक किए गए, लेकिन अधिकांश सिलेंडरों को कथित रूप से ब्लैक में बेच दिया गया और केवल एक बार काफी देरी से सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। इसी क्रम में पोर्टरगंज निवासी उपभोक्ता बेबी मिश्रा के मामले का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि उनके नाम का सिलेंडर भी फर्जी तरीके से डिलीवर दिखाकर बेच दिया गया और लगातार शिकायत के बावजूद गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
शिकायत में आगे बताया गया कि पंकज दीक्षित के नाम से 14 मई 2026 को पुनः गैस बुकिंग कराई गई। आरोप है कि एजेंसी संचालक और स्टाफ ने सिलेंडर डिलीवरी में 15 से 20 दिन लगने की बात कही, लेकिन जब शिकायतकर्ता ने अपने स्टाफ को भेजा तो उसी एजेंसी से कथित रूप से 2500 रुपये लेकर ब्लैक में सिलेंडर उपलब्ध करा दिया गया। 

पीड़ित ने पूरे मामले की अभिलेखीय एवं भौतिक सत्यापन के साथ उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही एजेंसी द्वारा किए गए सभी कथित फर्जी डिलीवरी एंट्री, उपभोक्ता रिकॉर्ड और गैस वितरण व्यवस्था की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग उठाई है। मामले ने जिले की गैस वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन होगा, बल्कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में भी माना जा सकता है।

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