गोण्डा 23 अक्टूबर 2026* - रबी फसलों की बुवाई का समय प्रारम्भ हो गया है। इसके दृष्टिगत कृषि विभाग द्वारा जनपद गोण्डा के समस्त राजकीय कृषि बीज भंडारों पर गेहूं, चना, मटर, मसूर, राई-सरसों तथा तोरिया के प्रमाणित एवं आधारीय बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी सी.पी. सिंह ने जनपद के समस्त किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपने विकासखंड के राजकीय कृषि बीज भंडार से अनुदानित दरों पर बीज प्राप्त कर शासन की योजना का लाभ उठाएं।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को विभिन्न फसलों की प्रजातियों के अनुसार बीज पर अनुदान दिया जा रहा है। गेहूं की 10 वर्ष से कम अवधि वाली प्रजातियों के प्रमाणित बीज की दर 4,738 रुपये प्रति कुंतल है, जिस पर 2,369 रुपये का अनुदान मिलेगा। इस प्रकार किसान को 2,369 रुपये प्रति कुंतल कृषक अंश के रूप में देना होगा। वहीं, गेहूं की 10 वर्ष से अधिक अवधि वाली प्रजातियों पर 1,300 रुपये प्रति कुंतल अनुदान देय है।
चना की आठ वर्ष से कम अवधि वाली प्रजातियों के प्रमाणित बीज पर 6,000 रुपये प्रति कुंतल तथा 10 वर्ष से अधिक अवधि वाली प्रजातियों पर 4,000 रुपये प्रति कुंतल अनुदान दिया जाएगा। मटर की आठ वर्ष से कम अवधि वाली प्रजातियों पर 75 प्रतिशत तक अनुदान देय है। मसूर की आठ वर्ष से कम अवधि वाली प्रजातियों के बीज पर निर्धारित दर के अनुसार शत-प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। मसूर की अन्य प्रजातियों तथा राई-सरसों के बीज पर भी निर्धारित दरों के अनुसार अनुदान उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि दलहनी एवं तिलहनी फसलों के मिनीकिट भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिए गए हैं। इनका वितरण बुकिंग कराने के बाद चयनित किसानों को निःशुल्क किया जाएगा।
*ऐसे प्राप्त करें अनुदानित बीज*
कृषक कृषि विभाग की वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर स्वयं बुकिंग कर सकते हैं अथवा कृषि विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से निःशुल्क आवेदन करा सकते हैं। शासनादेश दिनांक 24 फरवरी 2026 के अनुसार अनुदानित बीज का वितरण पंजीकृत किसानों को उनकी जोत के आधार पर निर्धारित संस्तुत मात्रा में पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाकर किया जाएगा। इसके लिए किसान के पास फार्मर आईडी होना अनिवार्य है।
नियमानुसार, किसी फसल के लिए बीज पर अनुदान प्राप्त करने के बाद संबंधित फसल के आगामी दो वर्षों तक पुनः अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा। इसके बाद ही संबंधित फसल के बीज पर दोबारा अनुदान की सुविधा अनुमन्य होगी।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों ने बीज की बुकिंग करा ली है, वे तत्काल अपने विकासखंड के राजकीय कृषि बीज भंडार पर पहुंचकर बीज अथवा बीज मिनीकिट प्राप्त कर लें, ताकि समय से बुवाई सुनिश्चित की जा सके और शासन द्वारा दिए जा रहे अनुदान का अधिकाधिक लाभ उठाया जा सके।
रबी फसलों की बुवाई हेतु गेहूं चना मटर और राई सरसो के प्रमाणित बीज उपलब्ध
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